शिविर

वर्ष में कम से कम दो शिविर या अधिक के माध्यम से युवक – युवतियों का शारीरिक, सामाजिक, बौद्धिक और आत्मिक विकास करना । यह शिविर प्रणाली चार स्तर की होगी ।

 

प्रथम वर्ष – आर्य वीर वर्ष

द्वितीय वर्ष – शाखा नायक

तृतीय वर्ष – उप व्यायाम शिक्षक

चतुर्थ वर्ष - व्यायाम शिक्षक

 
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